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आलाखेड़ी में सती माताजी का भव्य दो दिवसीय कार्यक्रम संपन्न

आलाखेड़ी में सती माताजी का भव्य दो दिवसीय कार्यक्रम 8 एवं 9 मई को अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन सती माताजी, ग्रामदेवता, कुलदेवता, इष्ट देवता एवं पितृ देवताओं की कृपा और आशीर्वाद से पूर्ण सफलता के साथ सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर सभी ग्रामवासियों, भक्तों एवं सहयोगकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

कार्यक्रम के अंतर्गत कलश यात्रा, ध्वज यात्रा एवं ध्वज दंड यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में श्रद्धापूर्वक कलश यात्रा में भाग लिया। संपूर्ण ग्राम में डीजे एवं भक्तिमय माहौल के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं एवं बच्चों की विशेष सहभागिता रही, जिसने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामयी बना दिया।

इसके पश्चात पंडित कपिल जी मेनारिया एवं हरिओम शास्त्री जी के सान्निध्य में प्रधान यजमान बाबूलाल जी मेनारिया के नेतृत्व में विधिवत हवन, पूजन एवं अभिषेक सम्पन्न हुआ। हवन में ग्राम के विभिन्न परिवारों सहित 11 जोड़ों ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान सती माताजी का अभिषेक, कलश पूजन, ध्वजा एवं ध्वज दंड स्थापना विधि-विधान से संपन्न की गई।

शाम को “एक शाम सती माताजी के नाम” भजन संध्या एवं रतिजगा का आयोजन हुआ, जिसमें भजन कलाकार भेरूलाल जी, सोहनलाल जी, रमेश जी, गवरीशंकर जी, मोतीलाल जी, मुकेश जी एवं उनकी टीम ने भक्तिमय प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भाव-विभोर कर दिया। रात्रि में 1008 श्री ब्रह्मानंद जी महाराज का पावन आगमन हुआ। गुरुदेव एवं पंचों की उपस्थिति में सती माताजी की चौकी एवं पूजा-अर्चना सम्पन्न हुई। निर्धारित शुभ मुहूर्त में कलश, ध्वजा एवं ध्वज दंड की स्थापना की गई।

कलश स्थापना हेतु अंबालाल जी द्वारा भंवरलाल जी एवं पार्वती बाई के नाम से 1,01,000 तथा ध्वजा हेतु 11,000 की बोली लगाई गई। वहीं ध्वज दंड स्थापना हेतु राधेश्याम जी एवं जीवन जी की ओर से 3100 की श्रद्धाभाव से बोली लगाई गई।

कार्यक्रम उपरांत पंडितजनों का विधिवत सम्मान वस्त्र, फल एवं दक्षिणा भेंट कर किया गया। इसके बाद महाप्रसादी का आयोजन हुआ, जिसमें बाहर से पधारे अतिथियों, भक्तों एवं समस्त ग्रामवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सभी ग्रामवासियों, भामाशाहों, भक्तों एवं सहयोगकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। पानेरियों की मादरी, जोशी परिवार, फरासी मेनारिया परिवार, सतखंडा जोशी मेनारिया एवं पिपलिया रावजी सहित आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

अंत में, इस पुण्य अवसर पर पधारे सभी मेहमानों, भक्तों, मातृशक्ति, बुजुर्गों, युवा साथियों एवं बच्चों का हृदय से आभार एवं धन्यवाद। आप सभी के सहयोग, प्रेम और उपस्थिति से यह आयोजन अविस्मरणीय एवं सफल बन पाया। सती माताजी की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे एवं सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों।