Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

टिकट के लिए पैसा नहीं था, तो ट्रेन के बोगी के नीचे पहिये के पास बैठकर एक शख्स ने किया 250 किलोमीटर का सफर (Man Travels 250 Km Under Train Due to Ticketless Journey)

(chittorgarhnews.org) मध्य प्रदेश के एक हैरान कर देने वाले मामले में, एक व्यक्ति ने टिकट के पैसे नहीं होने के कारण दानापुर एक्सप्रेस ट्रेन के बोगी के नीचे पहिये के पास बैठकर 250 किलोमीटर की यात्रा की। यह घटना जबलपुर में सामने आई, जहां रेलवे कर्मचारियों ने इस खतरनाक यात्रा का पता लगाया। आइए जानते हैं इस घटना के बारे में विस्तार से।

250 किलोमीटर का खतरनाक सफर

इटारसी से जबलपुर जाने वाली दानापुर एक्सप्रेस ट्रेन की S-4 बोगी में एक व्यक्ति ने ट्रेन के बोगी के नीचे ट्राली के पास बैठकर सफर किया। यह पूरी यात्रा अत्यंत खतरनाक थी क्योंकि वह व्यक्ति ट्रेन के पहिये के पास बैठा हुआ था, जहां उसे कोई सुरक्षा नहीं थी। किसी भी अनहोनी के घटित होने का खतरा हमेशा बना हुआ था। इस दौरान व्यक्ति ने बिना किसी टिकट के 250 किलोमीटर की यात्रा पूरी की।

रेलवे कर्मचारियों का खुलासा

यह मामला तब सामने आया जब जबलपुर में ट्रेन के रोलिंग परीक्षण के दौरान रेलवे कर्मचारियों ने आउटर पर ट्रेन की जांच की। जांच के दौरान उन्होंने S-4 बोगी के नीचे ट्राली पर एक व्यक्ति को लेटा हुआ देखा। यह दृश्य देखकर कर्मचारियों के होश उड़ गए। जब उन्होंने व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके पास टिकट के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए उसने यह खतरनाक रास्ता अपनाया।

यात्री की मजबूरी

रेलवे कर्मचारियों से बात करते हुए उस व्यक्ति ने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि उसे इटारसी से जबलपुर तक का सफर तय करना था, लेकिन उसके पास ट्रेन का टिकट खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। इस कारण उसने यह बेहद खतरनाक तरीका अपनाया। रेलवे कर्मचारियों ने उसे तुरंत ट्राली से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उसके बाद उसे चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी हरकत न करे, क्योंकि यह उसकी जान के लिए भी खतरा बन सकती थी।

क्या होता है ट्रेन के बोगी के नीचे सफर करना?

ट्रेन के बोगी के नीचे बैठकर यात्रा करना न केवल खतरनाक है, बल्कि यह कानूनन भी गलत है। ट्रेन के पहिये के पास बैठने से यात्री की जान को भारी खतरा होता है, क्योंकि कभी भी वह गिर सकता है या ट्रेन की गति से उसे चोट लग सकती है। इसके अलावा, ट्रेन के नीचे का हिस्सा गंदा और खतरनाक होता है, जहां यात्रा करने वाले को कोई सुरक्षा नहीं मिलती। ऐसे स्थानों पर सफर करने से यात्री की जान के लिए खतरा बना रहता है, और यह रेलवे के नियमों का उल्लंघन भी है।

    रेलवे की जिम्मेदारी और यात्री सुरक्षा

    इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठाए हैं। रेलवे प्रशासन को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। रेलवे द्वारा सख्त निगरानी और सुरक्षित यात्रा के उपायों को लागू करने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों। यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता देना चाहिए और रेलवे को ऐसे खतरनाक तरीकों से सफर करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    मध्य प्रदेश में हुई यह घटना न केवल एक यात्री की खतरनाक यात्रा का उदाहरण है, बल्कि यह रेलवे प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाती है। इस प्रकार की घटनाओं से हमें यह याद रखना चाहिए कि हमेशा सुरक्षित तरीके से यात्रा करें और रेलवे प्रशासन को इस दिशा में सुधार के लिए प्रयास करने चाहिए।

Leave a Comment