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श्रीसांवलियाजी मंदिर में भक्त ने चढ़ाई 100 ग्राम सोने की चेन

मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्रीसांवलियाजी मंदिर में सोमवार की शाम एक विशेष भक्ति और आस्था का दृश्य देखने को मिला। यहां भगवान सांवलिया सेठ के दरबार में एक श्रद्धालु परिवार ने न केवल सोने की 100 ग्राम की चेन चढ़ाई, बल्कि लाखों रुपये नकद भी भेंट किए। इस भव्य योगदान से मंदिर परिसर में भक्तों के बीच विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना।shri sanwaliya seth g 100 gm gold chain bhet

यह श्रद्धा का अभिव्यक्तिकरण था भीलवाड़ा के चावत परिवार द्वारा। चावत परिवार ने भगवान सांवलिया सेठ के भंडार में लिफाफों में लाखों रुपये की नकदी चढ़ाई, जो मंदिर के लिए एक महत्वपूर्ण दान था। परिवार ने इस भव्य चढ़ावे के साथ भगवान से अपनी आस्था और विश्वास को व्यक्त किया।

इस घटना की सूचना फैलते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। भक्तों ने इस दान को देखकर एकजुट होकर भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। मंदिर के पुजारी ने भी इस चढ़ावे की सराहना करते हुए परिवार की आस्था और भक्ति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के योगदान से न केवल मंदिर के कार्यों में मदद मिलती है, बल्कि यह अन्य भक्तों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनता है।

श्रीसांवलियाजी मंदिर, जो मेवाड़ क्षेत्र में एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में जाना जाता है, में ऐसे दान और योगदान एक आम बात है। यहां लाखों श्रद्धालु हर साल अपनी श्रद्धा अर्पित करने आते हैं और भगवान से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर प्रशासन भी इस प्रकार के योगदानों का समुचित उपयोग करता है, ताकि मंदिर की सेवाएं और जनकल्याण की योजनाएं सुचारु रूप से चलती रहें।

इस दिन के बाद मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को यह अपील की कि वे अपनी आस्था और विश्वास के साथ योगदान दें, ताकि मंदिर का संचालन और विकास निरंतर होता रहे। चावत परिवार के इस दान ने अन्य भक्तों को भी प्रेरित किया, और इस घटना ने मंदिर में भक्ति का नया आयाम जोड़ दिया।

समग्र रूप से, यह घटना एक उदाहरण बन गई है कि कैसे भक्तों की आस्था और समर्पण के साथ होने वाला दान धार्मिक स्थल की समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान करता है। भगवान सांवलिया सेठ की दरबार में इस तरह के योगदानों का स्वागत किया जाता है, और यह भी दर्शाता है कि आस्था केवल भव्य दान तक सीमित नहीं होती, बल्कि श्रद्धा और विश्वास से भरपूर होती है।