राधे कृष्णा गौ शाला, कृष्ण नगर, आला खेड़ी की कामधेनु गाय आज परम धाम भगवान को समर्पित हो गई। जैसे ही यह खबर फैली, आसपास के कई लोग अपने दिल में गहरी श्रद्धा और आस्था के साथ इस कामधेनु गाय के अंतिम दर्शन हेतु आना शुरू हो गए। खासकर आस-पास के गाँवों के लोग इस गाय से जुड़ी अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए एकत्रित हुए।

कामधेनु गाय के साथ एक विशेष आध्यात्मिक संबंध था, जो न केवल गो शाला के सदस्यों बल्कि आसपास के ग्रामीणों की आस्था का भी प्रतीक थी। यह गाय न सिर्फ एक साधारण पशु थी, बल्कि इस गाय से लोगों का एक अदृश्य संबंध जुड़ा हुआ था, जो उनके जीवन के एक महत्वपूर्ण हिस्सा के रूप में देखी जाती थी।


गो शाला की कमिटी ने इस गाय के प्रति लोगों की आस्था को देखते हुए उसे विशेष पूजा विधान के साथ भगवान के पास भेजने का निर्णय लिया। मंत्रोच्चारण के बीच इस कामधेनु गाय की परम गो धाम यात्रा प्रारंभ हुई। इस यात्रा में गो शाला के कार्यकर्ता और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे। हर कोई इस पवित्र अवसर पर गाय को श्रद्धा पूर्वक अंतिम विदाई देने के लिए यहाँ आया था।
इस विशेष अवसर पर गाय की पूजा, मंत्रों के साथ उसकी यात्रा को एक आध्यात्मिक उत्सव के रूप में मनाया गया, जो यह सिद्ध करता है कि कामधेनु गाय केवल एक गाय नहीं, बल्कि एक जीवित देवी स्वरूप थी, जिससे सभी की जीवन में आस्था और आशीर्वाद था।







