किसान देश का अन्न दाता है यह बात किताबो में भी लिखी है और धरातल पर भी किसान ही अन्न उगIता है, किसान को भगवान का दर्जा दे तो भी कम होगा , वो हमेशा हर परिस्तिति से लड़ने के लिए तैयार रहता है I किसान प्रकर्ति से लड़कर बहुत ही म्हणत कर के अन्न ऊगा कर के देश की सेवा करता है , किसान की भी इच्छा होती है लक्ज़री लाइफ की, बचो को उच्च शिक्षा की, पत्नी को गहने दिलवाने की, खेत के चारो तरफ मेड लगवाने की, खेती के साधन ख़रीदने की, गांव में उची कोठी बनवाने की, बेटी को खुश रखने की लेकिन वो सिर्फ अपने परिवार का पालन पोषण बड़े ही कटीनाई से कर पाता है I किसान अपने जीवन में काफी सरकारे देखता है सब सरकारे किसान को बेहला फुसलाकर के वोट ले लेती है , फिर भूल जाती है I अगर बात करे MSP रेट की तो वो १२-१४ % गिरी हुई है खरीफ की फसल की, किसान को अपनी फसल कम मूल्य पर बेचनी पड़ रही है , लेकिन कोई सुन ने KO तैयार नहीं है , सरकार ने किसानो का MSP समर्थन मूल्य निर्धारित कर रखा है लेकिन उसकी खरीदने की असमर्थता के कारन किसान उसके उचित भाव से वंचित रह जाता है I







