बिना ऋतु फल जिस तरह से फायदा नहीं करता है| इस तरह बेमौसम बारिश हो जाना किसानों के लिए फायदेमंद नहीं होता है |इस तरह की ओलावृष्टि से हमेशा किसानों का नुकसान होता है| कुछ कंडीशन में ही किसान फायदा उठा सकते हैं बाकी उनके फसलों का नुकसान होता है |बेमौसम बारिश से किसानों को बहुत ज्यादा नुकसान होता है |आपको बताते हैं बेमौसम बारिश से हमेशा ही किसान को नुकसान हुआ हैं |जब जरूरत नहीं होती है उस समय बारिश हो जाती है| उससे किसानों के खेत में ओले या फिर बारिश के गोले गिरने से किसानों की फसल नष्ट हो जाती है |इसको ओलावृष्टि भी कहा जाता है ओलावृष्टि से किसानों को मानसिक शारीरिक आर्थिक हर तरह से नुकसान उठाना पड़ता है |पिछले 5 साल में लगभग तीन लाख से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं |जिनको मरहम के रूप में सरकार ने सिर्फ 377 करोड़ की सरकारी सहायता मिली है |आपने बहुत बड़े विज्ञापन देखे होंगे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बहुत सारी कंपनी के विज्ञापन आते हैं| तो इन विज्ञापन और इतना सब करने के बाद भी किसान को सिर्फ मरहम के रूप में 377 करोड़ की ही राशि मिली है जो की एक बहुत कम है |आपको बता दे आपदा प्रबंधन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 5 वर्षों में राजस्थान में ओलावृष्टि से लगभग 341133 किसान प्रभावित हुए हैं |और इन प्रभावित किसानों को लगभग 370 करोड़ 52 लाख रुपए सरकार ने अनुदान या सहायता के रूप में दी है तो यह राशि बहुत कम राशि है |क्योंकि किसानों के फसल खराब बहुत ही ज्यादा हुई है |एक आंकड़े के अनुसार पता चला है कि रबी फसल वर्ष 2023-24 में ओलावृष्टि खराबे की रिपोर्ट में किसानों का लगभग 35% खराब अंकित किया गया है| जो की डाटा सरकार से हमें प्राप्त हुआ है अगर आपकी फसल 33% या इससे अधिक खराब है |और आपको अगर भुगतान पूरा नहीं हो रहा है |तो आपको तुरंत ही किसान हेल्प पोर्टल या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना या फिर आपके पास वाले कृषि अधिकारी से मिले इस चीज को अपडेट करवाना होगा तो ही आप इसका पूरा फायदा उठा सकते हैं|







