राजस्थान में COVID-19 संकट के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना सेवा देने वाले नर्सिंग कर्मियों, ANM, फार्मासिस्ट और लैब तकनीशियनों को अब नौकरी से निकाल दिया गया है। तीन महीने पहले सरकार ने इन कर्मचारियों को काम से हटा दिया, जबकि वे महामारी के दौरान आवश्यक सेवाओं में लगे हुए थे। इस स्थिति पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इन कर्मचारियों के समर्थन में आवाज उठाई है। गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार न केवल अपनी सीमित भर्ती के जरिए लोगों को रोजगार के अवसर से वंचित कर रही है, बल्कि इससे कई परिवारों को भूखा मरने की स्थिति में भी डाल दिया है। EX CM RAJASTHAN ASHOK GEHLOT FAOUR OF NURSING STAFF WORK ON UTB

राज्य सरकार ने नर्सिंग ऑफिसर्स, ANM, फार्मासिस्ट और लैब तकनीशियनों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, जबकि कई स्थानों पर अभी भी रिक्त पद हैं। इसका सीधा असर आम जनता की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। इन कर्मचारियों ने अपनी कठिनाईयों को गहलोत के सामने रखते हुए, सरकार से इनकी सेवाओं को बहाल करने और इन्हें CSR में शामिल करने की मांग की है। धरना प्रदर्शन के जरिए इन कर्मियों ने अपनी पीड़ा सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
UTB कार्मिको ने चेताया सरकार को कहा अनशन एवम धरना हि विकल्प इस सोइ सरकार को जगाने के लिए







