राजस्थान में बिजली विभाग को निजीकरण में देने की तैयारी कर लि |विद्युत कर्मचारियों ने बताया है की आगामी कुछ महीनो में ही राजस्थान सरकार विद्युत विभाग को पूरी तरह से निजी कंपनियों के हाथों में दे देगी जिससे किसानो को फायदा होगा या नुकसान
राजस्थान की बिजली सप्लाई 10 वर्षों के लिए प्राइवेट हाथों में दी जा रही है जिसकी शुरुआत जनवरी से होने वाली है,कंपनियों ने किसानों को दिन में बिजली सप्लाई देने का आश्वासन देकर गुमराह किया जा रहा है
1. बिजली वितरण का काम पूर्णतया निजी हाथों में चला जाएगा, सरकारी कर्मचारी होते हैं तो उन पर सरकार के नियम मानने की बाध्यता होती है तथा नियमों में बंधे होते हैं,किसी भी कार्यवाही का डर रहता है
2.मीटर रीडिंग का काम ठेके पर दिया जाएगा
3. कुछ समय बाद सभी उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे ताकि रीडिंग लेने व वसूली करने के लिए प्राइवेट कंपनी को अधिक कर्मचारियों की जरूरत ना हो जैसे ही रिचार्ज खत्म होगा मोबाइल की तरह मीटर भी काम करना बंद कर देगा।
4. बिजली की दरें बढ़ जाएंगी क्योंकि अभी सरकार जो सब्सिडी दे रही है,
5.अभी पुराने ट्यूबवेल्स में पानी खत्म होने पर किसान दूसरी जगह ट्यूबवेल बनाकर बिजली सप्लाई काम में ले लेता है जबकि निजीकरण हो जाने पर किसान ऐसा नहीं कर पाएगा
6.निजी कंपनियां मनमाने तरीके से वसूली करेगी।
7. सरकारी भर्तियां खत्म हो जाएगी जिससे बेरोजगारी और अधिक बढ़ेगी।
8.वीसीआर की संपूर्ण राशि उपभोक्ता को जमा करवानी पड़ेगी जबकि अभी उपभोक्ता सेटलमेंट में जाकर जुर्माने की राशि को आधी या उससे कम करवा लेता है,
9.जितने भार का उपभोक्ता का कनेक्शन है, उतनी ही वह बिजली काम में ले पाएगा जिससे बिजली का आंकलन रहेगा,
10.सरकार पर सब्सिडी का वित्तीय भार कम हो जाएगा।







