बसंत पंचमी के पावन अवसर पर योगी सरकार ने साधु-संतों और श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की। आसमान से बरसते फूलों के बीच, कई साधु संतो ने अमृत स्नान किया, जिसमें खासतौर पर नागा साधुओं ने सबसे अधिक हिस्सा लिया। यह दिन धार्मिक आस्था और आनंद का प्रतीक बनकर सामने आया, जब श्रद्धालु और योगी सरकार के नेतृत्व में लोग आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर हुए। फूलों की बारिश और अमृत स्नान ने इस पवित्र दिन को और भी खास बना दिया। amrit snan at mahakumbh droop flower on sadhu sant visitors

महाकुंभ 2025 के तीसरे और आखिरी शाही अमृत स्नान का आयोजन बसंत पंचमी के पावन अवसर पर धूमधाम से किया जा रहा है। सुबह साढ़े तीन बजे से अखाड़े अपनी पूरी दिव्यता और भव्यता के साथ त्रिवेणी संगम की ओर रवाना हुए। अखाड़ों के साधु-संतों ने एक-एक कर संगम में डुबकी लगाई, जिससे आस्था और उल्लास का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत हुआ। संगम क्षेत्र ‘हर-हर गंगे’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गूंज उठा, जो श्रद्धा और भक्ति का अद्वितीय प्रतीक था। यह शाही स्नान महाकुंभ के इस विशाल आयोजन में विशेष महत्व रखता है, जहाँ लाखों श्रद्धालु और साधु एकत्रित होकर इस पवित्र अवसर को साझा कर रहे हैं। इस दिन की दिव्यता और भव्यता ने महाकुंभ को और भी अविस्मरणीय बना दिया।
योगी आदित्यनाथ स्वयं कंट्रोल रूम में बैठकर साधु-संतों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने महाकुंभ के दौरान सुनिश्चित किया है कि हर पहलू की निगरानी हो, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखते हुए, योगी जी हर एक गतिविधि पर गहरी निगाह बनाए हुए हैं, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके। उनकी यह सक्रियता और नेतृत्व श्रद्धालुओं में विश्वास और संतुष्टि का संचार कर रही है।







