डूंगला के आलाखेड़ी स्थित श्री राधा कृष्ण गौशाला, कृष्ण नगर में श्रीमद् भागवत कथा का पवित्र आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत एक भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें सैकड़ों गौ भक्तों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इस यात्रा का मार्ग आलाखेड़ी गांव से होकर निकला और श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे के साथ भगवान श्री कृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।

गौशाला प्रवक्ता के अनुसार, यह भागवत कथा 9 जनवरी से लेकर 15 जनवरी तक आयोजित की जाएगी। आयोजन के दौरान, हर दिन कथा का प्रसारण होगा और भक्तगण श्री कृष्ण की महिमा और उनके संदेशों का श्रवण करेंगे। साथ ही, विशेष रूप से गौ माता के सम्मान में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।
कलश यात्रा के दौरान, श्रद्धालुओं ने कलशों को सिर पर रखकर यात्रा की शुरुआत की। यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था को प्रकट करना नहीं था, बल्कि यह गौ माता के प्रति अपनी श्रद्धा को भी दर्शाना था। कलश यात्रा में महिलाएं विशेष रूप से शामिल हुईं, जिन्होंने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर जल से भरे कलश रखकर यात्रा में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने इस दौरान भगवान श्री कृष्ण के नाम का जाप किया और पथ पर चलते हुए वातावरण को भक्ति से भर दिया।

गौशाला के प्रभारी और आयोजक समिति के सदस्य इस आयोजन की सफलता के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। आयोजन के दौरान, भक्तों के लिए विशेष भंडारे और भोजन प्रसादी का भी प्रबंध किया जाएगा, जिससे हर किसी को आनंद और संतुष्टि मिल सके।
भागवत कथा का आयोजन एक धार्मिक पर्व के रूप में देखा जा रहा है, जो न केवल श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, बल्कि समाज में धार्मिक एकता और सद्भावना को भी प्रोत्साहित करता है। यह आयोजन क्षेत्रीय लोगों के बीच एकता को मजबूत करने का कार्य करेगा और आने वाले दिनों में यहां धार्मिक आयोजनों के महत्व को और भी बढ़ावा मिलेगा।
आलाखेड़ी के इस आयोजन से जुड़े लोग उत्साहित हैं और उम्मीद करते हैं कि यह धार्मिक समागम सभी को भगवान श्री कृष्ण की कृपा प्राप्त कराने में सहायक सिद्ध होगा।






