वर्दी का रुतबा हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है, और जब उस वर्दी में स्टार भी हो, तो उसका रुतबा और बढ़ जाता है। यह आकर्षण अब बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) में एक नए विवाद के रूप में उभरा है। बिहार सरकार ने हाल ही में कई भर्तियां निकालीं, लेकिन इन भर्तियों में कथित धांधली के आरोप सामने आए हैं। इस पर प्रशांत किशोर, जो एक सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक हस्ती हैं, अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों को 1.5 करोड़ रुपए DSP पोस्ट दी जा रही हैं, जिससे सिस्टम की ईमानदारी पर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि ये घोटाला किसी बड़े माफिया या रसूखदार लोगों के साथ मिलकर हो रहा है, और यह राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ा धोखा है। प्रशांत किशोर का अनशन अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है, और इसकी गूंज पूरे बिहार में सुनाई दे रही है।(BPSC CORRUPTION IN DSP RECRUITMENT)

प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर, जो पहले एक प्रमुख राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने विभिन्न चुनावों में अपनी रणनीतिक क्षमता से राजनीतिक दलों को सफलता दिलाई। उनके द्वारा बनाई गई चुनावी रणनीतियाँ और डेटा विश्लेषण ने उन्हें भारतीय राजनीति में एक नई पहचान दी। हालाँकि, उनका राजनीतिक करियर शुरुआत में चुनावी सलाहकार के रूप में था, लेकिन अब वे राजनीति में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। उनके अनुभव और नेतृत्व के कारण, वे भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण चेहरा बन चुके हैं। (BPSC CORRUPTION IN DSP RECRUITMENT)







