(CHITTORGARHNEWS.ORG) The Chittorgarh News भजन लाल शर्मा सरकार ने UTB पर कार्यरत कर्मचारियों के साथ जिस तरह का दोगला व्यवहार किया है, उससे इन कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी आक्रोश उत्पन्न हुआ है। यह आक्रोश सरकार की कार्यशैली और उसके दोहरे रवैये का परिणाम है। सरकार का व्यवहार अब केवल जनता के बीच दिखावे तक सीमित हो गया है, जो कि वास्तविकता से बहुत दूर है। सरकारी तंत्र का यह रवैया प्रदेश के स्वास्थ्य और प्रशासनिक सिस्टम में गंभीर खामियों को उजागर करता है।
सरकार ने UTB कर्मचारियों के साथ एक दोगली नीति अपनाई है। एक ओर, राज्य की चिकित्सा व्यवस्था में गिरावट स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, और दूसरी ओर सरकार विकास के नाम पर केवल घोषणाएँ करने में व्यस्त है। राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बिल्कुल अलग है। उदाहरण स्वरूप, एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, ANM (Auxiliary Nurse Midwife), ने सवाल उठाया है कि क्या सिर्फ भवनों के निर्माण से राज्य की स्वास्थ्य सेवा में सुधार हो सकता है? क्या स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सिर्फ शारीरिक संरचनाओं पर निर्भर करती है या इसमें अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए?








