राजस्थान की भजनलाल सरकार ने आज एक बढ़िया आदेश जारी किया है जिसमें की राजस्थान के अनाज के प्रचार को लेकर के आदेश हैं आपने देखा होगा सरकारी बैठकों में नॉर्मल चाय कचोरी समोसा यह चीज हर एक अधिकारी की आदत बन गया है लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा क्योंकि भजनलाल सरकार ने एक नया आदेश निकाला है जिसमें की आपको बाजरे की राबड़ी पीनी पड़ेगी आपको कचोरी समोसा या जो दूसरे मार्केट से प्रोडक्ट है उनको बैठकों में आप नहीं ले सकते हैं ऐसा राजस्थान सरकार के एक मंत्री ने आदेश दिया है अगर आप इस तरह की कुछ भी मार्केट से खरीदते हैं तो उसका बिल आपको जेब से भरना पड़ेगा आपको बता दें सरकारी बैठकों में बिस्किट नमकीन या दूसरे पदार्थ आलू कचोरी समोसा इस तरह के प्रोडक्ट काफी ज्यादा काम में लिया जाते थे लेकिन अभी सरकार ने इसको थोड़ा परिवर्तन किया है इसमें आप प्रशिक्षण की कोई बैठे हैं कार्यक्रम है या फिर कार्यशाला है तो उसमें आप जो मोटे अनाज से बने हैं उन्हें उत्पादन का उपयोग कर सकते हैं जैसे कि नमकीन लड्डू चूरमा खिचड़ी हलवॉ बैठकों में ले सकते हैं और अगर आपने इनमें से किसी दूसरी चीज का प्रयोग किया तो सरकार आपके खिलाफ तुरंत ही कार्रवाई करेगी या फिर उन सारी चीजों के बिल जेब से भरने पड़ेगा जो भी अधिकारी इसकी स्वीकृति प्रदान करेगा आपको बता दे 2023 में मिलेट्स को अंतरराष्ट्रीय मील घोषित किया गया जिसमें कि भारत बाजरे का सर्वाधिक उत्पादक देश है और हम अपने देश के ही अनाज नहीं खाते हैं तो इससे शर्म की क्या बात हो सकती इसी चीज को देखते हुए राजस्थान के भजनलाल सरकार ने यह तुरंत निर्णय लिया और इस साहसिक निर्णय के लिए हम उनकी भूरि भूरि प्रशंसा करते हैं|
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