मेवाड़ के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक ईडाणा माता मंदिर में मंगलवार सुबह करीब 9 बजे अचानक प्रतिमा के समीप अग्नि प्रज्ज्वलित हो गई। इस घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण दर्शन के लिए मंदिर पहुंचने लगे। अग्नि करीब 20 मिनट तक जलती रही, और इसे माता का ‘अग्नि स्नान’ माना जाता है। मान्यता है कि मेवल की महारानी के नाम से प्रसिद्ध ईडाणा माता समय-समय पर अग्नि स्नान करती रहती हैं, हालांकि इस घटना का कोई निश्चित समय या तिथि नहीं होता। इसे प्रत्यक्ष रूप से देखने वाले भक्त इसे अपनी किस्मत का हिस्सा मानते हैं।idanamata agni snanan done
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कहा जाता है कि जब माता अग्नि स्नान करती हैं, तो उनका पूरा श्रृंगार जलकर भस्म हो जाता है, लेकिन प्रतिमा पर कोई असर नहीं पड़ता। इसके बाद माता को नया श्रृंगार चढ़ाया जाता है। इस अग्नि स्नान के दौरान चढ़ाई गई चुनर और धागे भी भस्म हो जाते हैं। ईडाणा गांव में स्थित इस मंदिर में भक्तगण अपनी मन्नतों को पूरा करने के बाद त्रिशूल चढ़ाते हैं। खासकर संतान प्राप्ति की मन्नत रखने वाले भक्त यहां झूले चढ़ाते हैं। यह घटनाएं स्थानीय लोगों के लिए अत्यधिक श्रद्धा का कारण बनती हैं और इसे एक चमत्कारी अनुभव के रूप में देखा जाता है।idanamata agni snanan done







