राजस्थान में भाजपा सरकार और नगर परिषद में प्रशासक शासन के बीच निम्बाहेड़ा की राजनीति इन दिनों उबाल पर है। नगर पालिका का निर्वाचित बोर्ड समाप्त होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह अधिकारियों के हाथ में आ गई है, जिसके चलते राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में नगर पालिका आयुक्त कौशल कुमार एवं पूर्व भाजपा पार्षद मयंक अग्रवाल के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने संज्ञेय धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका आयुक्त कौशल कुमार ने पूर्व पार्षद मयंक अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 351 और 121 के तहत मामला दर्ज करवाया है। इन धाराओं का संबंध लोक सेवक को डराने-धमकाने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने तथा प्रशासनिक कार्य में हस्तक्षेप करने जैसे गंभीर आरोपों से है। विशेष बात यह है कि ये धाराएं गंभीर और गैर-जमानती श्रेणी में मानी जाती हैं, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
इस घटनाक्रम के बाद निम्बाहेड़ा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा और विपक्ष दोनों ही इस मामले को लेकर आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव के रूप में देखा जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।
नगर पालिका बोर्ड खत्म होने के बाद प्रशासक शासन लागू है, ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका अधिक प्रभावशाली हो गई है। अब इस मामले में पुलिस जांच और आगामी कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।








