Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

डूंगला : खाद विक्रेता का लाइसेंस किया गया निलंबित

कृषि विभाग की सख्त कार्रवाई : खाद विक्रेता का लाइसेंस किया गया निलंबित
यूरिया की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष निगरानी अभियान जारी

चित्तौड़गढ़, 08 मई। जिले में किसानों को उर्वरकों की नियमित और सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण एवं निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत डूंगला क्षेत्र में एक उर्वरक विक्रेता प्रतिष्ठान पर औचक जांच की गई, जहां कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आने पर विभाग ने कार्रवाई की।

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद चित्तौड़गढ़ डॉ. शंकर लाल जाट ने जानकारी देते हुए बताया कि 07 मई की शाम संयुक्त निरीक्षण दल ने मैसर्स राजमल मोहनलाल दाणी, डूंगला स्थित उर्वरक विक्रय केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण दल में सहायक निदेशक कृषि (मुख्यालय) श्री मुकेश कुमार धाकड़ तथा कृषि अधिकारी (प्रशिक्षण) श्री गोपाल लाल शर्मा भी शामिल थे।

जांच के दौरान प्रतिष्ठान पर कई कमियां पाई गईं। इनमें निर्धारित प्रारूप में मूल्य सूची और स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं होना, स्टॉक रजिस्टर का सक्षम अधिकारी से सत्यापित नहीं होना, उर्वरक लाइसेंस का प्रदर्शित नहीं किया जाना, विक्रय किए गए उर्वरकों का सही रिकॉर्ड संधारित नहीं करना तथा गोदाम से सीधे खाद का विक्रय करना शामिल रहा। इसके अलावा मौके पर उपलब्ध स्टॉक और अभिलेखों में भी अंतर पाया गया।

इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए सहायक निदेशक कृषि (मुख्यालय) द्वारा प्रतिष्ठान का उर्वरक लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई। इसके आधार पर 08 मई 2026 को मैसर्स राजमल मोहनलाल दाणी, डूंगला का उर्वरक अनुज्ञापत्र निलंबित कर दिया गया।

डॉ. शंकर लाल जाट ने जिले के सभी उर्वरक एवं कृषि आदान विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित नियमों के अनुसार ही खाद एवं अन्य कृषि सामग्री का विक्रय करें, किसानों को अनिवार्य रूप से बिल उपलब्ध कराएं तथा सभी आवश्यक रिकॉर्ड एवं दस्तावेज व्यवस्थित रूप से संधारित रखें।

उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे जरूरत के अनुसार ही उर्वरकों की खरीद करें और अनावश्यक भंडारण से बचें। वर्तमान में जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं। जिले में 22,413 मैट्रिक टन यूरिया, 4,120 मैट्रिक टन डीएपी, 4,879 मैट्रिक टन एनपीके तथा 25,012 मैट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है।

कृषि विभाग द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और कालाबाजारी व जमाखोरी के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।