नई सरकार की जो CPS पद्धति आई है उसमें किसानों को अफीम के लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं, इन लीगल लाइसेंस को जारी करने के ऑफिस में कुछ रकम फिक्स कर रखी है l यह रकम एक लाख से ढाई लाख तक है बेचारे गरीब किसान जो सोचता है कि दो पैसे कमाई करूंगा अगर मुझे अफीम का लाइसेंस मिल जाता है तो लेकिन उसे अफीम का लाइसेंस लेने से पहले उसको वापस इस गरीबी के साहूकार से पैसे लाने क्यों क्योंकि उसे अफीम के लाइसेंस के लिए वहां साब को पैसा देना हैl आपके लीगल काम को करने के लिए वहां पर पैसा देना पड़ रहा है आपको बताते हैं कि लास्ट साल चित्तौड़गढ़ के सांसद सीपी जोशी ने एक यहां के कार्मिक को थप्पड़ लगाई थी l इन्हीं अफीम किसानों के रूपये लेन देने के चक्कर में क्यों क्योंकि वह जानते हैं कि किसान कितनी मेहनत से पैसा कमाता हैl और आज इस किसान की यही हाल हो रही है l अफसरों ने रेट तय कर रखी है नए अफीम के लाइसेंस जारी करने की l एक किसान ने नाम गुप्त रखने की शर्त पे बताया कि उसने अपने अफीम लाइसेंस के लिए 2लाख 40हजार रुपए दिए l सरकार एवं जनप्रतिनिधियों को इस भ्रष्टाचार के लिए पाबंदी लगानी होगी l







