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विधायक चंद्रभान सिंह आक्या को 95 किलो चांदी के सिक्कों से तौला गुर्जर ने

चित्तौड़गढ़ जिले के सांवलियाजी मंदिर में निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की जीत के दो वर्ष पूरे होने के मौके पर समर्थकों ने विशेष धार्मिक आयोजन किया। इस अवसर पर रामेश्वर गुर्जर नामक एक समर्थक ने लोटन (दंडवत) यात्रा निकाली, जो न केवल श्रद्धा का प्रतीक थी, बल्कि विधायक की जीत और उनके प्रति समर्थन को भी दर्शाती थी। यह यात्रा लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित श्री सांवलियाजी मंदिर तक की गई। यात्रा के दौरान, रामेश्वर गुर्जर ने पूरे मार्ग में दंडवत प्रणाम करते हुए कदम रखा और मंदिर में पहुँचकर विधायक की सफलता के लिए ढोक लगाई। इस यात्रा ने एक ओर संदेश दिया कि यह सिर्फ एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि यह एक श्रद्धा और आस्था का भी प्रतीक है।MLA Chandra bhansingh weight 95kg silver coin

मंदिर में इस अवसर पर एक और खास घटना घटी, जब विधायक आक्या को 95 किलो चांदी के सिक्कों से तौला गया। समर्थकों ने इस अनूठे तरीके से अपने विधायक को सम्मानित किया, जो उनकी सेवा और काम के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है। यह तौलने की प्रक्रिया उनके कार्यों के प्रति उनके समर्थकों का आभार और श्रद्धा का प्रतीक बन गई। चांदी के सिक्कों से तौलने की परंपरा भारत में अक्सर सम्मानित नेताओं, संतों या समाजसेवियों के लिए निभाई जाती है, और यह घटना इस बात का उदाहरण है कि आक्या ने अपने कार्यों से जनता के दिलों में जगह बनाई है।

इस दौरान मंदिर में चांदी का एक विशेष कुकर भी चढ़ाया गया, जो आस्था और समृद्धि की प्रतीक के रूप में चढ़ाया गया था। यह चांदी का कुकर विधायक के जीवन में आने वाली खुशहाली और सफलता की कामना का प्रतीक था। यह चढ़ावा मंदिर की परंपराओं के अनुरूप था, जहाँ भक्त अपनी आस्था और श्रद्धा को प्रतीक रूप में भगवान के चरणों में अर्पित करते हैं।

इस विशेष धार्मिक आयोजन के बाद, विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने भी अपने समर्थकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी जीत और इस तरह के आयोजनों का श्रेय केवल उनके समर्थकों को जाता है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने कर्तव्यों को निभाना और जनता की सेवा करना जारी रखना है। हालांकि, इस अवसर पर आक्या ने यह भी व्यक्त किया कि उनके ऊपर जो कर्ज चढ़ा हुआ है, उसे चुकाना उनके लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। यह बयान उनके जीवन की कठिनाइयों और संघर्षों को दर्शाता है।

अंत में, इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि राजनीतिक सफलता और आस्था के बीच गहरा संबंध होता है। विधायक आक्या की जीत को लेकर उनके समर्थकों का समर्थन, उनके प्रति श्रद्धा और विश्वास का एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह घटना न केवल चित्तौड़गढ़ जिले के लिए, बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रेरणा बन गई है, जिसमें धर्म और राजनीति के बीच संतुलन बनाए रखते हुए जनता की सेवा की जाती है।