डूंगला उपखंड मुख्यालय से बोहेड़ा की ओर जाने वाले छाज़वी–सेठवाना मुख्य मार्ग की हालत इन दिनों बेहद जर्जर हो चुकी है। देलवास पुलिस चौकी से लेकर सेठवाना बिलिया बावजी तक करीब सात किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं में कई लोग घायल हो चुके हैं, फिर भी प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। chajvi road sethwana marg issue
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस मार्ग का उपयोग आसपास के कई गांवों के लोग प्रतिदिन करते हैं। यह सड़क डूंगला, बोहेड़ा, देलवास, छाज़वी, सेठवाना और बिलिया बावजी जैसे गांवों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क है। गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर गिर जाते हैं। बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से खतरा और बढ़ जाता है। कई बार राहगीरों को यह तक पता नहीं चलता कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक वर्ष से सड़क की मरम्मत नहीं हुई है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। स्थानीय युवाओं ने बताया कि उन्होंने ग्राम पंचायत और लोक निर्माण विभाग को ज्ञापन भी दिया, परंतु अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र सड़क मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से धरना देने को मजबूर होंगे।
सेठवाना निवासी सुरेश मीणा ने बताया कि हाल ही में एक मोटरसाइकिल सवार युवक सड़क के गड्ढे में फंसकर गिर गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इसी तरह कई बार स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहन भी असंतुलित होकर पलटने से बाल-बाल बचे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क की स्थिति ऐसी हो चुकी है कि अब यहां से गुजरना खुद एक जोखिम बन गया है।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के अभाव में एम्बुलेंस सेवाओं को भी परेशानी होती है। किसी के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाना कठिन हो जाता है। कई बार मरीजों को स्ट्रेचर या ट्रैक्टर पर ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बजट आवंटित होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं किया गया है।
इस बीच, पंचायत प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत शुरू कराई जाए। उनका कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों के लिए भी अहम है, क्योंकि इसी सड़क से किसान अपनी उपज मंडी तक पहुंचाते हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों में सड़क निर्माण कार्य आरंभ नहीं हुआ तो वे देलवास चौकी के बाहर धरना देंगे और आगे आंदोलन को विस्तारित करेंगे। फिलहाल लोग प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी समस्या पर शीघ्र ध्यान दिया जाएगा और छाज़वी–सेठवाना मार्ग फिर से सुरक्षित बनाया जाएगा।








