बीजापुर जिले में नक्सली हमले में शहीद हुए सुदर्शन वेट्टी को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए उनके परिवार और गांव के लोग एकजुट हुए। इस कठिन समय में उनके परिवार, विशेष रूप से पत्नी और दो महीने के छोटे बेटे के लिए यह पल अत्यंत दुखद था। शहीद सुदर्शन का बेटा, जो केवल दो महीने का है, ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी, यह दृश्य न केवल भावुक था, बल्कि वीरता और बलिदान का प्रतीक भी बन गया।(2 month old son offered funeral pyre to martyred father)
सुदर्शन वेट्टी की शहादत ने यह स्पष्ट किया कि हमारे सुरक्षा बल अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उनके परिवार और गांव वालों ने शहीद की याद में श्रद्धांजलि अर्पित की। सुदर्शन के साहस और बलिदान ने यह सिखाया कि वीरता केवल सैनिकों में नहीं, बल्कि उनके परिवारों में भी होती है।







