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श्रीसांवलिया सेठ मंदिर के भंडार ने तोड़े रिकॉर्ड: चार राउंड में ही निकले 36 करोड़, गिनती अभी जारी

चित्तौड़गढ़  स्थित श्रीसांवलिया सेठ मंदिर में दान राशि की गिनती 19 नवंबर से शुरू हुई थी, और इस दौरान दान में प्राप्त राशि ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मंगलवार को जब गिनती के केवल चार राउंड पूरे हुए, तो यह आंकड़ा 36 करोड़ 13 लाख 60 हजार रुपए तक पहुंच चुका था। इस जबरदस्त राशि का आकलन करने के बाद मंदिर प्रशासन और श्रद्धालु दोनों ही हैरान रह गए।

श्रीसांवलिया सेठ जी का मंदिर, जो अपनी धार्मिक महिमा और आस्था के कारण प्रसिद्ध है, हमेशा ही श्रद्धालुओं से दान प्राप्त करता रहा है। इस बार गिनती की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन और भक्त दोनों ही उत्सुक थे कि इस बार कितनी बड़ी राशि का दान मिलेगा। मंदिर के भंडार में एकत्रित हो रही राशि को लेकर काफी समय से अनुमान लगाए जा रहे थे, लेकिन इस तरह की अभूतपूर्व राशि की उम्मीद नहीं थी।

गिनती के पहले चार राउंड के बाद जो आंकड़े सामने आए, उनसे यह साफ हो गया कि इस बार दान में दी गई राशि ने पिछले सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है। गिनती अभी भी जारी है और अनुमान है कि दान की कुल राशि और भी अधिक हो सकती है। गिनती के दौरान बैंक नोट्स, चेक्स और अन्य प्रकार के दान एकत्र किए गए हैं, जिन्हें गिनने के लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है।

मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस बार दान में भारी वृद्धि हुई है, और यह श्रद्धालुओं की अपार आस्था का परिणाम है। इस राशि का उपयोग मंदिर की सेवा, धार्मिक कार्यों और सामाजिक कल्याण योजनाओं में किया जाएगा। श्रीसांवलिया सेठ मंदिर की परंपरा रही है कि दान की राशि का अधिकतम उपयोग भगवान श्रीसांवलिया सेठ जी की पूजा-अर्चना और मंदिर के विकास कार्यों में किया जाता है, जिससे भक्तों की आस्था और विश्वास और भी मजबूत होता है।

मंदिर के प्रमुख अधिकारीयों का कहना है कि इस बार प्राप्त दान राशि को एकत्र करने के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। गिनती की प्रक्रिया पूरी होने तक इसे गुप्त रखा जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई भी असर न पड़े।

गिनती का कार्य जब समाप्त होगा, तब इस बार के दान की राशि का समग्र आंकड़ा सामने आएगा, लेकिन फिलहाल चार राउंड में निकले 36 करोड़ 13 लाख 60 हजार रुपये ने सभी को चौंका दिया है। यह राशि निश्चित रूप से मेवाड़ क्षेत्र में सबसे बड़ी दान राशि मानी जा रही है।

कुल मिलाकर, श्रीसांवलिया सेठ मंदिर का यह भव्य दान उत्सव न केवल मंदिर की महिमा को दर्शाता है, बल्कि यह दर्शाता है कि किस तरह श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास मंदिर की आर्थिक मदद में भी योगदान करता है। आने वाले दिनों में इस राशि का सही उपयोग किए जाने से समाज और मंदिर दोनों का भला होगा